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Khatik Samaj Book

नमस्कार समाज बंधुओं!
मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि आप इस पुस्तक को पढ़ रहे हैं। मैं उन सभी लेखकों को धन्यवाद करता हूँ जिनके लेखों से मुझे कुछ ना कुछ सीखने को मिला और मुझे “खटीक जाति –आखेटक” पुस्तक लिखने की प्रेरणा मिली।
“खटीक जाति –आखेटक”
पुस्तक प्राप्त करें: https://www.amazon.in/dp/B07L1VGX7N

खटीक जाति के इतिहास को लेकर अब तक अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उनमें हिन्दू खटीक समाज के इतिहास सम्बन्धी अनेक प्रकार की बातें कही गई हैं। लेकिन कभी हमारे समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर किसी ने चिंतन नहीं किया यह पुस्तक आपको खटीक समाज की हकीकत से रूबरू कराएगी और साथ ही उनकी समस्याओं व समाधान पर भी प्रकाश डालेगी।
कुछ समाज चिंतकों के अनुसार खटीक जाति क्षत्रिय जाति है तो अन्य समाज चिंतक खटीक जाति को क्षत्रिय होने का पूरी तरह से खंडन करते हैं। आज हम इस पुस्तक के माध्यम से खटीक समाज के इतिहास सम्बन्धी तथ्यों पर प्रकाश डालेंगे। और खटीक समाज के व्यापारी कैसे अपने व्यवसाय को आसमान तक पहुंचा सकते हैं इसपर विस्तार से चर्चा करेंगे। खटीक समाज के लोग कैसे अपनी बुरी आदतों को त्यागकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं इसके लिए आप इस पुस्तक में बहुत कुछ सीखेंगे।
आशा करता हूँ आपको यह पुस्तक पसंद आएगी, अगर आप पुस्तक में लिखी किसी तथ्य से सहमत नहीं हैं तो कृपया मुझे छोटा भाई समझकर क्षमा करें इस पुस्तक का आशय किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य खटीक समाज के इतिहास के सभी पहलुओं पर चर्चा करना है।

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सेना में "खटीक रेजिमेंट" भी होना चाहिए - खटीक महासंघ

जब यादव समाज के लोग सेना में "अहीर रेजिमेंट" बनाने के लिए सरकार पर दबाव बना सकते हैं तो खटीक पीछे क्यों रहें। खटीक भी योद्धा थे यहां तक कि खटीक तो सूर्यवंशी क्षत्रिय भी माने जाते हैं तो क्यों ना खटीक समाज भी सेना में "खटीक रेजिमेंट" की मांग करें। अगर सरकार जाति आधारित रेजिमेंट नहीं दे सकती तो मौजूदा जितनी भी जाति आधारित रेजिमेंट बनी हुई हैं उनको तुरन्त समाप्त किया जाए।

मेरे हिसाब से तो जाति आधारित रेजिमेंट होनी ही नहीं चाहिये क्योंकि इससे ऊंची जातियों में घमंड की भावना आती है जिससे छुआछूत को बढ़ावा मिलता है। अच्छा तो यही होगा कि सरकार को जाट रेजिमेंट, राजपूत रेजिमेंट आदि को खत्म कर देना चाहिए। अगर सरकार इनके दबाव के कारण इनको खत्म नहीं कर पा रही है तो खटीक रेजिमेंट भी होनी ही चाहिए।

सेना में “राजपूत रेजिमेंट” है तो फिर “चमार, खटिक रेजिमेंट” क्यों नहीं- उदित राज

नई दिल्ली। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद उदित राज ने सरकार से सवाल किया कि जब भारतीय सेना में राजपूत रेजिमेंट हो सकता है तो चमार रेजिमेंट, खटिक रेजिमेंट और वाल्मीकि रेजिडेंट क्यों नहीं हो सकता है। उदित राज ने कहा कि चमार रेजिंडेंट का खत्म कर दिया गया था। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि जाति के आधार पर रेजिमेंट नहीं बना सकते हैं, तो फिर सरकार ये बताए कि जाति के आधार पर राजपूत रेजिमेंट क्यों है। उन्होंने कहा कि चमार, खटिक और वाल्मीकि रेजिमेंट बनाया जाना चाहिए।

खटीक समाज – हिन्दू खटीक जाति का गौरवशाली इतिहास

हिन्दू खटीक समाज के इतिहास को लेकर अनेक प्रकार की बातें कही जाती हैं। कुछ समाज चिंतकों के अनुसार खटीक जाति क्षत्रिय जाति है तो तो कुछ खटीकों को दलित जाति मानते हैं। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से खटीक समाज के इतिहास सम्बन्धी तथ्यों पर प्रकाश डालेंगे।
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कौन हैं खटीक?खटीक भारत का एक मूल समुदाय यानि जाति है जो वर्तमान में अनुसूचित जाति के अंतर्गत वर्गीकृत की गई है। जिनकी संख्या लगभग 1.7 मिलियन है। भारत में यह उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार और गुजरात में बसे हुए हैं। तथा व्यापक रूप से उत्तर भारत में बसा हुआ है।
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खटीक समाज की पुस्तक  खटीक जाति - आखेटक  प्राप्त करें। 

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