करौली में मोनू खटीक (दलित) को सोते हुए जिंदा जलाकर मारने की घटना

खटीक महासंघ | जिला करोली राजस्थान में एक जघन्य अपराध खटिक समाज के साथ घटित हुआ है।

खटीक महासंघ टीम ने फोन पर ग्राम इनायती थाना सपोटरा जिला करौली के श्री भरोसी के बड़े पुत्र नरसी और श्री भरोसी की पत्नी श्रीमती अंगूरी से बात की।

ग्राम इनायती का यह परिवार बेहद गरीब है, मजदूरी करके पेट पाल रहा है। इनका पुश्तैनी काम बकरा भेड़ काटना, मांस बेचना, खड़ी रास बेचना है।

ग्राम इनायती में सबसे ज्यादा संख्या मीणा समाज की है, उसी समाज का सरपंच है। इत्तेफ़ाक़ से सरपंच से भरोसी का सम्बंध खराब चल रहा था। खटिकों के कुल तीन घर हैं, दो घर आबाद हैं, तीसरा दिल्ली में रह रहा है। राजपूतों के आठ दस घर हैं और पूरे गांव में इनका आतंक है, ये जबरन धन उगाही करते हैं ऐय्याशी और शराब के लिए।

खटिक भरोसी के चार पुत्रों में दूसरे नम्बर के बेटे मोनू का काम बकरे बेचने का था। 20 -22 सितम्बर के आसपास वो बकरों को गाड़ी में लाद रहा था बाज़ार ले जाने के लिए तभी वहां गांव के राजपूत परिवार का एक लड़का पहुंचा और जातीय दम्भ में गाड़ी में लात मार दी।

मोनू ने उस राजपूत लड़के को गाली दे कर गुस्सा जाहिर करते हुए पूंछा कि तूने मेरे रोजगार के साधन में लात क्यूं मारी। राजपूत लड़के को ऐसे प्रतिरोध की जरा भी आशंका नहीं थी एक खटिक से।

उसने लाठी गाड़ी के डाला पर मारीं और अपने बाप, भाई को बुला लिया। इन सब राजपूतों ने अकेले मोनू को बहुत मारा। मोनू के घर वालों को जब पता लगा तो ये मौके पर पहुंचे और मोनू को घर ले आये। उस समय भी राजपूत लड़कों ने धमकी दी कि तुझे तेरे घर पर ही सबक सिखाएंगे।
खटिक परिवार ने पुलिस में कोई कार्यवाही राजपूतों के खिलाफ नहीं की।

उस घटना के 8-10 दिन बाद 30 सितम्बर की रात में 1 बजे अचानक राजपूत परिवार के लोग भरोसी के घर पहुंचे और लाठी डंडों से भरोसी, उनके चारों बेटों, बेटियों के साथ मारपीट की, पेट्रोल छिड़क कर छप्पर में आग लगा दी। गृहस्थी का सारा सामान जल गया, मोनू अंदर सो रहा था वह जलती हुई अवस्था में बाहर भागा वह बुरी तरह से जल गया था। मोनू को पहले करौली जिला अस्पताल में घर वाले ले गए फिर जयपुर ले गए लेकिन बचाया नहीं जा सका और मोनू ने 2 अक्टूबर को दम तोड़ दिया।

घटना की एफ आई आर थाने में समाचार लिखने तक लिखी नहीं गयी थी। कल रात श्री ओ पी महेंद्रा, पूर्व विधायक, भाजपा ने परिवार से फोन पर बात की और राजस्थान के गृहमंत्री तथा करौली के एस पी से बात की है।

उम्मीद है कि आज पुलिस कार्यवाही करेगी। हमारी टीम ने श्रीमती अंगूरी को बता दिया है कि यदि आज भी कार्यवाही ना हो तो हमें बताएँ ताकि जैसे भी सम्भव हो सके किया जाए।
आप मे से जो भी करौली के हों या करौली से जुड़े हों वे इस पीड़ित परिवार से भेंट कर आये, ढाढस बँधाएँ, आर्थिक सहयोग दे आएं।

आप भरोसी के पुत्र छुट्टन को 9602414490, नम्बर पर कॉल करके पीड़ित परिवार की मदद कर सकते हैं।

खटीक महासंघ टीम ने सर्वसम्मति से 21 अक्टूबर को सपोटरा जाकर पुलिस वालों पर दबाव बनाने के लिए तारीख तय की है।
करौली में मोनू खटीक (दलित) को सोते हुए जिंदा जलाकर मारने की घटना
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