खटीक समाज का भी हो अपना बैंक

KHATIK BANK

दिल्ली | हमारा समाज किसी से कम नहीं है हमारे समाज में एक से बढ़कर एक धनी व्यक्ति मौजूद हैं तो क्यों ना हमारा खुद का बैंक हो?

हमें अपने खटीक समाज के लिए एक राष्ट्रीय स्तर बैंक अथवा सहकारी समिति का निर्माण करना चाहिए, जो जरूरतमंद खटीक युवाओं को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध करा सके, हमारे समाज में धनी लोगों की कमी नहीं है कमी है तो सिर्फ असली समाज सेवकों की।




सरकारी लोन की सुविधा इतनी पेचीदा होती है कि एक सामान्यजन के लिए सरकारी लोन लेना टेढ़ी खीर साबित होती है उससे सरकारी गारंटर मांगे जाते हैं जो कि उपलब्ध करा पाना एक आम इंसान के लिए मुमकिन नहीं होता।

आज अगर समाज का कोई युवक अपना रोजगार स्थापित करना चाहे तो उसको धन की पूर्ति के लिए बैंक के चक्कर लगाना पड़ता है और बैंक भी बिना किसी गारंटर के आसानी से लोन नहीं देते तो युवा थक हारकर बैठ जाता है, या फिर किसी साहूकार से बड़ी ब्याज पर पैसा ले लेता है जिसे चुकाना उसके लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन जाती है जो दिन रात चौगुनी होती जाती है।

हमारे समाज में एक से बढ़कर एक धनी सज्जन हैं वो सब मिलकर चाहें तो एक छोटा बैंक बना सकते हैं उनके लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है और वो जरूरतमंद युवाओं को लोन देकर उनकी वित्तीय मदद कर सकते हैं इससे अपना समाज एक तरफ तो मजबूत होगा उसको किसी और के सामने हाथ फैलाना नहीं पड़ेगा साथ ही बैंक को भी फायदा होगा और धीरे धीरे अपना बैंक विस्तार कर बड़ा होता रहेगा।




इस हेतु हमें समाज की एक बैठक करके इस योजना को अमली जामा पहनाया जाना चाहिए ताकि इससे युवाओं को मजबूत किया जा सके।

जरूरी नहीं बैंक ही बनाया जाय, बहुत से समाजों ने अपनी सहकारी समितियां बनाई हुई हैं जो समाज के लिए काम करती हैं उनका काम करने का तरीका बैंक की तरह ही होता है। जमा किये गए पैसे पर ब्याज मिलता है और जरूरतमंदों को बहुत कम ब्याज पर लोन दिया जाता है।

क्या है सहकारी समिति?

सुनील बुटोलिया, चीफ एडिटर – खटीक महासंघ

खटीक समाज का भी हो अपना बैंक
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