खटीक समाज की अरबों की भूमि संकट में

बात तब की है जब देश आजाद भी नहीं हुआ था।
उस समय छोटी जातियों को पूजापाठ करने की अनुमति नहीं होती थी।

खटीक समाज का अयोध्या मंदिर




हम बात कर रहे हैं फैजाबाद, अयोध्या की जहाँ के राजा ने छोटी जातियों के साथ हो रहे छुआछात और भेदभाव को देखते हुए सभी छोटी जातियों जैसे, खटीक, कोरी, चमार, कुम्हार, मौर्या आदि जातियों को मंदिरों के लिए अलग अलग जमीन दी, और कहा कि ब्राह्मण आदि बड़ी जातियों के लोग तुम्हें मंदिरों में नहीं जाने देते हैं इसलिए तुम लोग अपना अपना अलग मंदिर यहां बनाओ और पूजा पाठ करो।




सभी ने अपने अपने मंदिर बनाये, अब जबकि ब्राह्मणवाद सर चढ़कर बोल रहा है तब कुछ ब्राह्मणवादियों ने खटीकों की जो कि 4-6 परिवार हैं वही जमीन, मंदिर की देखभाल कर रहे हैं बहुत गरीब हैं। जमीन और मंदिर को हड़पने की बहुत कोशिश की, अन्य खटीकों के साथ मिलकर उन्होंने तरह तरह के षड्यंत्र रचे, खूब थाना चौकी हुए, लेकिन खटीकों की जमीन हड़पने में विफल रहे।

खटीक महासंघ से सुनील बुटोलिया खटीक ने मंदिर की देखभाल कर रहे खटीक परिवार के हरिओम सोनकर जी से बात की और कहा कि उस जमीन पर यदि समाज का होस्टल बन जाये तो जमीन पर अपना आधिपत्य भी हो जाएगा और जमीन समाज के काम भी आएगी, इसलिए समाज से दान एकत्रित करके जल्द से जल्द होस्टल का कार्य शुरू कर देना चाहिए जिसपर हरिओम जी ने सहमति जताई।




हरिओम सोनकर ने बताया कि वह खटीक समाज के अनेक नेताओं, सांसदों से मिले हैं लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आता है, अगर हालात यही रहे तो अरबों रुपयों की जमीन हाथ से निकल जायेगी। यह जमीन अयोध्या मंदिर के ठीक सामने है इसलिए भी इस जमीन की अहमियत बहुत ज्यादा है।

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